क्यों ज़रूरी है घर से टूटे-फूटे सामान को हटाना: वास्तु शास्त्र की दृष्टि से

वास्तु शास्त्र का मुख्य उद्देश्य निवास की ऊर्जा को सकारात्मक करना है.सकारात्मक ऊर्जा निवासी के शरीर को स्वस्थ्य रखती है एवं उसके जीवन यापन को सहज बनाती है. जीवन को सुचारु रूप से चलाने के लिए पंच तत्वों का संतुलन आवशयक है वह वास्तु से संभव है. कई बार ऐसे कारण होते है जिनसे घर की ऊर्जा नकारात्मक रूप से प्रभावित हो जाती है.घर में टूटे फूटे बर्तन रखना, बच्चो के ख़राब खिलोने एवं ख़राब पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण रखने से नकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि हो जाती है. यह जिस दिशा में होगा उस दिशा के परिणाम ख़राब हो जाते है.

१. उत्तर दिशा में ऐसा कबाड़ होने से नौकरी एवं व्यवसाय में धन सम्बन्धी समस्या आ सकती है. बच्चो का विशेष रूप से गणित विषय में परिणाम अच्छे नहीं आते है.

२. उत्तर पूर्व में कबाड़ रखने से या वहां ज्यादा गन्दगी रहने से व्यक्ति अपने निर्णय गलत ले लेता है जिसके परिणाम अच्छे नहीं रहते. मन और मस्तिष्य सम्बन्धी समस्या बनी रहती है.

३. कोई भी नकारात्मकता को आप अपने घर के पूर्व स्थान में रखते है तो समाज से आपके सम्बन्ध ख़राब हो सकते है. वायु तत्त्व की दिशा होने से यहाँ के दोष आपकी प्रगति को धीमा कर सकते है.

४. अक्सर लोग अपने घर की छत पर कूड़ा एवं कबाड़ा एकत्रित कर लेते है, ऐसा करने से भी आपके घर में राहु गृह के नकारात्मक परिणाम आने लगते है. हर तरह से परेशानी अचानक से आने लगती है.

५. घर में कूड़ा आपको नियमित रूप से साफ़ करते रहना है. ऐसा कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जो ख़राब है उसको ठीक करवाना या उसका निष्काशन करना आवशयक है. किट पतंगे एवं मकड़ी के जाले भी शनि गृह की अशुभता देते है.

घर की हर दिशा के लिए वास्तु टिप्स: मूर्तियाँ, चित्र और ऊर्जा का विज्ञान

घर की ऊर्जा संतुलन के बाद, वास्तु में विशेष स्थान की ऊर्जा को उनके तत्वों के सामान से बढ़ाया या घटाया जा सकता है. कुछ विशेष पेंटिंग्स या मुर्तिया अगर सही दिशा में लगाई जाये तो वह अच्छे प्रभाव देती है. कभी किसी विशेष मनोरथ की पूर्ति के लिए भी मूर्तियों का प्रयोग किया जाता है. किसी घर में लगी हुई मुर्तिया भी उस स्थान के वास्तु के बारे में जानकारी दे देती है.

१. उत्तर दिशा में कुबेर की मूर्ति आपके पास संचित धन की वृद्धि करती है इसी दिशा में रखे हुए सफ़ेद घोड़े आपके व्यापार में लगातार नए अवसर लाते रहते है.

२. पूर्व दिशा में पीतल या ताम्बे के सूर्य देव लगाने से आपका सामाजिक दायरा प्रभावशाली रहता है. आपके संपर्क के दायरों का विस्तार होता है. सरकार से जुड़े हुए कार्यो वाले व्यक्तियों के लिए यह अच्छे परिणामदायक होता है.

३. दक्षिण पूर्व दिशा में हरे पौधे वहां की ऊर्जा का विस्तार करते है. इसी दिशा में लाल रंग के घोड़े लगाने से व्यापर में नगदी का प्रवाह अच्छा रहता है. कई बार रुके हुए पेमेंट्स भी वापस आ जाते है.

४. दक्षिण पश्चिम दिशा में पहाड़ की तस्वीर, या पीतल का ईगल पक्षी जो दूर तक देखने की क्षमता रखता है या फिर पति पत्नी के बीच मधुर सम्बन्ध हेतु हंसो का जोड़ा रखा जा सकता है. यहाँ पर पानी वाली तस्वीर नुक्सान करती है.

५. पश्चिम दिशा में ऊँची बिल्डिंग की तस्वीर लगाना अच्छा रहता है . यहाँ पे उल्लू की प्रतिमा आपको चीज़ो की गहराई जानने की शक्ति देती है. अपनी मनोकामना दर्शाती हुई कोई तस्वीर भी यहाँ लगाने से उसके पुरे होने की संभावना हो जाती है.

६. जिस किसी संसथान से सहयोग चाहिए तो उसका लोगो आप उत्तर पश्चिम में लगा दीजिये, सहयोग आना शुरू हो जायेगा. अगर ऑफिस में सभी लोगो की एक सामूहिक तस्वीर इस दिशा में लगा दी जाए तो सभी में परस्पर सहयोग बना रहता है.