घर की हर दिशा के लिए वास्तु टिप्स: मूर्तियाँ, चित्र और ऊर्जा का विज्ञान

घर की ऊर्जा संतुलन के बाद, वास्तु में विशेष स्थान की ऊर्जा को उनके तत्वों के सामान से बढ़ाया या घटाया जा सकता है. कुछ विशेष पेंटिंग्स या मुर्तिया अगर सही दिशा में लगाई जाये तो वह अच्छे प्रभाव देती है. कभी किसी विशेष मनोरथ की पूर्ति के लिए भी मूर्तियों का प्रयोग किया जाता है. किसी घर में लगी हुई मुर्तिया भी उस स्थान के वास्तु के बारे में जानकारी दे देती है.

१. उत्तर दिशा में कुबेर की मूर्ति आपके पास संचित धन की वृद्धि करती है इसी दिशा में रखे हुए सफ़ेद घोड़े आपके व्यापार में लगातार नए अवसर लाते रहते है.

२. पूर्व दिशा में पीतल या ताम्बे के सूर्य देव लगाने से आपका सामाजिक दायरा प्रभावशाली रहता है. आपके संपर्क के दायरों का विस्तार होता है. सरकार से जुड़े हुए कार्यो वाले व्यक्तियों के लिए यह अच्छे परिणामदायक होता है.

३. दक्षिण पूर्व दिशा में हरे पौधे वहां की ऊर्जा का विस्तार करते है. इसी दिशा में लाल रंग के घोड़े लगाने से व्यापर में नगदी का प्रवाह अच्छा रहता है. कई बार रुके हुए पेमेंट्स भी वापस आ जाते है.

४. दक्षिण पश्चिम दिशा में पहाड़ की तस्वीर, या पीतल का ईगल पक्षी जो दूर तक देखने की क्षमता रखता है या फिर पति पत्नी के बीच मधुर सम्बन्ध हेतु हंसो का जोड़ा रखा जा सकता है. यहाँ पर पानी वाली तस्वीर नुक्सान करती है.

५. पश्चिम दिशा में ऊँची बिल्डिंग की तस्वीर लगाना अच्छा रहता है . यहाँ पे उल्लू की प्रतिमा आपको चीज़ो की गहराई जानने की शक्ति देती है. अपनी मनोकामना दर्शाती हुई कोई तस्वीर भी यहाँ लगाने से उसके पुरे होने की संभावना हो जाती है.

६. जिस किसी संसथान से सहयोग चाहिए तो उसका लोगो आप उत्तर पश्चिम में लगा दीजिये, सहयोग आना शुरू हो जायेगा. अगर ऑफिस में सभी लोगो की एक सामूहिक तस्वीर इस दिशा में लगा दी जाए तो सभी में परस्पर सहयोग बना रहता है.